न गीत हे, न मीत हे
हम अपने मनमीत हैं
प्यार होता हे क्या
ये गजलों से जाना
फिर भी न आया
हमसे बनना दीवाना
जब भी ख्यालों में
डूबे किसी के हम
निकली मन कि बात
बनके एक नज्म
उन्होंने पढ़ा उसको
इक दिन फुर्सत से
और बोले वाह वाह
आप शायर बहुत अच्छे
अब दिल कि बात
उन तक पहुचाएँ कैसे
जुबान से कह नही सकते
लिखते हैं तो शायर कहते
अब तुम ही बताओ
हम आशिक कैसे बनते
रास न आया हमको
दिल का लगाना
पढ़ के मेरी नज्म
वो बोले रहने भी दीजिये
ये स्टाइल हे काफी पुराना
Tuesday, August 31, 2010
Monday, August 23, 2010
ये बंधन तो प्यार का बंधन हे........
१- मेरी दीदी
हाँ अब बो नानी भी बन चुकी हे
लेकिन राखी बांधना नही भूली
राखी पर उनका फोन आ ही जाता हे
क्या प्रोग्राम हे , कब आ रहे हो
या हर बार कि तरह इस बार भी.....
राखी पोस्ट कर दूँ....
शादी के बाद ये बंधन इतना कमजोर
क्यूँ हो जाता हे.....
में दुविधा में सोचता ही रह जाता हूँ...
२. पत्नी
ए जी सुनो .......
मोनू इस बार भी नही आ पायेगा
मुझे ही उसको राखी बांधने जाना होगा
मेने दबी सी आवाज में कहा
दीदी का फोन आया था ....
उसने इग्नोर किया , और बोली..
शाम को ऑफिस से जल्दी आ जाना
मोनू के लिए राखी खरीदनी है
मेरी दुविधा काफी हद्द तक
ख़तम हो चुकी हे....
३..अंतर
भाई (मोनू) कि शादी हो चुकी हे...
इस बार मोनू का फोन आया
दीदी आप इस बार राखी पर मत आना
मैं शिवाली को उसके भाई के यहाँ लेकर जाऊंगा
पत्नी बड़बड़ाती है....
ये आज कल कि लडकिया तो
आते ही संबंधों में दरार डाल देती हैं
और मोनू को भी देखो
कितनी जल्दी उसका गुलाम बन बैठा
मेरी दुविधा का कोई अंत नही.....
हाँ अब बो नानी भी बन चुकी हे
लेकिन राखी बांधना नही भूली
राखी पर उनका फोन आ ही जाता हे
क्या प्रोग्राम हे , कब आ रहे हो
या हर बार कि तरह इस बार भी.....
राखी पोस्ट कर दूँ....
शादी के बाद ये बंधन इतना कमजोर
क्यूँ हो जाता हे.....
में दुविधा में सोचता ही रह जाता हूँ...
२. पत्नी
ए जी सुनो .......
मोनू इस बार भी नही आ पायेगा
मुझे ही उसको राखी बांधने जाना होगा
मेने दबी सी आवाज में कहा
दीदी का फोन आया था ....
उसने इग्नोर किया , और बोली..
शाम को ऑफिस से जल्दी आ जाना
मोनू के लिए राखी खरीदनी है
मेरी दुविधा काफी हद्द तक
ख़तम हो चुकी हे....
३..अंतर
भाई (मोनू) कि शादी हो चुकी हे...
इस बार मोनू का फोन आया
दीदी आप इस बार राखी पर मत आना
मैं शिवाली को उसके भाई के यहाँ लेकर जाऊंगा
पत्नी बड़बड़ाती है....
ये आज कल कि लडकिया तो
आते ही संबंधों में दरार डाल देती हैं
और मोनू को भी देखो
कितनी जल्दी उसका गुलाम बन बैठा
मेरी दुविधा का कोई अंत नही.....
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