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Wednesday, April 6, 2011

सुबह सुबह चालू हो गए.....

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जैसे ही हमने अपनी मित्र को
हाई हेल्लो बोला, और पूछा
आज इतनी सुबह, इतनी जल्दी
नेट पर कैसे नजर आ रही हो,
रात भर नींद  नहीं आई ?
उन्होंने तुरंत दी सफाई ,
मेल देखने थी आई !
हमने मन ही मन मुस्कराते हुए कहा
हाँ हाँ , ठीक हे, हमने कब कहा
कि हमें देखने हो आई !
बैसे हम काफी दिनों के बाद
चाट पर उनसे रु-बा-रु हो रहे थे!
उन्होंने तपाक से दिया रिप्लाई
क्या हे, तुम भी न! (कितनी मिठास हे इन शब्दों मैं)
सुबह सुबह चालू हो गए,
हमने तुरंत उनकी बात को पकड़ा
और कहा आज तो आप एक दम
से पोजिटिव हो रहे हो,
फिर बोला कोई नहीं, आफ्टर नून ही सही
हम बाद में चालू हो लेंगे,
बस आपको सहूलियत होनी चाहिए!
टाइम आपके एक्कोर्डिंग ही रहेगा,
इतना कहते ही उन्होंने
ग्राफिकली अपनी आँखे तरेरी
और फिर धीरे से कहा "चुप्प"
फिर कई सारी स्माइली(मुस्कान)
एक साथ ही चेप दी,
और कहा बाद में मिलती हूँ!
हमें कह ओके डियर , इट्स ओके
सी यू देन! हेव अ वोंड़ेर्फुल डे अहेड!

6 comments:

संजय भास्कर said...

फिर बोला कोई नहीं, आफ्टर नून ही सही
हम बाद में चालू हो लेंगे,
बस आपको सहूलियत होनी चाहिए!
......गजब कि पंक्तियाँ हैं ...

संजय भास्कर said...

नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें !
माँ दुर्गा आपकी सभी मंगल कामनाएं पूर्ण करें

प्रवीण पाण्डेय said...

सबका ही दिन सुन्दर बीते।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

मनमोहक संवाद ,,,,सुन्दर प्रस्तुति

shikha varshney said...

मजेदार ...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:):) थोड़ी देर बाद चालू हुआ करो ...

मस्त लिखा है ...वैसे आज कल रहते कहाँ हो ? सुनने में आया है कि आज कल काम करने लगे हो :):)