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Tuesday, August 17, 2010

एक बार और जग जाओ..........

में थक गया,

कितना लिखू, क्या लिखू

मुझे नही था संज्ञान कि ये

जिन्दा-मुर्दों कि बस्ती हे

मुर्दों कि भी कही आत्माए जागती हे

शैतानो को भी, कभी शर्म आती हे

कब तक यूँ ही देख देख कर, खून खौलाता रहूँगा

अब बस, अब कलम तोडनी पड़ेगी

हाँ अब कलम छोडनी पड़ेगी

उठानी हो होगी बन्दूक,

और बनानी होगी निशाना

उस शैतान कि खोपड़ी

जिसने हमें इतने सालो से छला हे

जो हमारी मात्र भूमि पर वला हे

अपनी मात्र-भूमि को आजाद कराना होगा

वो कितने सालों से सो नही पाई हे

इन शैतानो ने उसका बलात्कार किया हे

जागो मेरे भारत के सच्चे सपूतों

एक बार और जग जाओ

अगर तुम आज जाग जाओगे

तो आने वाली पीढ़ी का भाग्य बनाओगे

और उन शहीदों कि आत्माओं को

जिन्होंने इस मात्रभूमि को

हमारे लिए आजाद कराया था

को सच्ची श्रधाअंजली दे पाओगे

......अलोक खरे







.....

16 comments:

शहरोज़ said...

हाँ अब कलम छोडनी पड़ेगी

उठानी हो होगी बन्दूक !!

घोर क्रांतिकारी सोच-विचार की पंक्तियाँ !

हमज़बान यानी समय के सच का साझीदार
पर ज़रूर पढ़ें:
काशी दिखाई दे कभी काबा दिखाई दे
http://hamzabaan.blogspot.com/2010/08/blog-post_16.html

पी.सी.गोदियाल said...

खरे साहब !
अपना भी ये समझिये यही हाल है,
दिल में बहुत कुछ यही ख्याल है !!

अच्छा लिखा आपने, मन उद्द्वेलित हो उठता है !

Udan Tashtari said...

बहुत शानदार!

ALOK KHARE said...

shukriya Shehroz ji
aapka
najre inayat karne ke liye

ALOK KHARE said...

shukriya Shehroz ji
aapka
najre inayat karne ke liye

ALOK KHARE said...

shukriya Godiyaal ji

Hum-Khayali ke liye

ALOK KHARE said...

Udan ji

abhar

रश्मि प्रभा... said...

soye hindustan ko phir ek baar jagana hoga ..........

Coral said...

बहुत सुन्दर

जय हिंद!

संजय भास्कर said...

कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

संजय भास्कर said...

धन्यवाद, मेरे ब्लॉग से जुड़ने के लिए और बहुमूल्य टिपण्णी देने के लिए

Rajendra Swarnkar said...

अलोक खरे जी
आप जैसे जागरुक क़लम के सिपाही का आक्रोश बिल्कुल वाजिब है ।
बंधु , आप हम जितना कर सकते हैं , जारी रहना चाहिए ।

मुर्दों की आत्माए कभी तो जागेंगी

शैतानो को कभी तो शर्म आएगी



शस्वरं पर भी आपका हार्दिक स्वागत है , अवश्य आइएगा…

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

ALOK KHARE said...

thnx bhaskar sahib

ALOK KHARE said...

shukrya rajindar ji

ALOK KHARE said...

Thnx Rashmi di

ALOK KHARE said...

thnx Coral Ji