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Friday, February 4, 2011

कुछ कुंडलिया -एक कोशिश






चेहरा रोज बदल कर, मचा रहे हैं शोर

दुनिया थू-थू कर रही, मन में इनके चोर,



मन में इनके चोर, खींचे किसकी ये टंगिया

ऐसा जोता हल , कि उजड़ गयी सारी बगिया,



उजड़ गयी सारी बगिया, बने फिर अनजान

अच्छे खासे चमन को, बना दिया शमशान.



बना दिया शमशान ,बहाए घडियाली आंसू

घर में पिटते रोज, इनको याद आये सासू,



कह बाबा "गौरव" ,न दूजा कोई उपाए

जूते मारो १०० इनको, दो उल्टा लटकाए,



दो उल्टा लटकाए, कि तबियत हरी हो जाये

जिदंगी में फिर न, कभी ये ऐसा कदम उठाएं !!

15 comments:

दिगम्बर नासवा said...

कह बाबा "गौरव" ,न दूजा कोई उपाए
जूते मारो १०० इनको, दो उल्टा लटकाए,

सच है ऐसे नेताओं को .. ऐसे लोंगों को जूते मारने चाहियें ...
आपकी कुण्डलियाँ लाजवाब लगीं ....

shikha varshney said...

जबर्दस्त्त कुंडलियाँ हैं..

रश्मि प्रभा... said...

are baba kise ulta taangna hai... bahut gussa hai isme

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो, झनझनाता हुआ है हर शब्द।

ehsas said...

बेहद खुबसुरत कुण्डलीयॉ है। आभार।

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

आलोक जी ,बेहतरीन सोंच........... बिल्कुल सही कहें है आप, जूते पढने चाहिए इन नेताओं को.

Khare A said...

shukriya NAswa sahib

Khare A said...

thnx shikha ji

Khare A said...

shukriya Rashmi Di, bas poocho mat
he kisi par

Khare A said...

thnx praveen ji

Khare A said...

thnx ehsas

Khare A said...

shukriya Upendra ji

ali said...

आलोक जी ,
आपने कुंडलियों के बहाने उन सबकी कुंडली लिख डाली जो कुंडली मार के बैठे हैं ! बहुत खूब !

Anonymous said...

Bhai aakrosh to pura dikhaya par aakrosh ke saath kundaliyon ke niyam bhi padh liye hote to ati uttam hota kisi bachche ki vyakaran kitab lekar kundaliyon wala chapter padh liya jaye taki aainda niyam ka palan ho sake

Khare A said...

thnx Mr.Ananomas ji

wich standard vyakaran kitab shree ji
jara hame bhi to pata chale, seekhen se hame parhej nhi
shukriya margdarshna ke liye