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Wednesday, February 16, 2011

मेरा बेटा हे जापानी.....


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जब माँ कहती हे कि अपनी पुत्र-बधू के लिए, कि इसने आते ही मेरे बेटे को मुझसे दूर कर दिया
तो उसी सन्दर्भ में कुछ कहने कि कोशिश......

मेरा बेटा हे जापानी,
ये बहु इंगलिश्तानी
सर पे लाल चोटी रुसी
हरकत इसकी पाकिस्तानी..
मेरा बेटा हे जापानी...

बेटा हुआ दीवाना बीवी का
माँ बैठी आंसू बहाए,
बैठी आंसू बहाए....
कोसती रहती दिन भर बहु को
दिल को चैन न आये
दिल को चैन न आये!

छीन लिया मेरा बेटा
कैसी है ये बहु कुलटा
शर्म नही जरा सी भी
आँख ये है मुझे दिखाए!

कितना अंध विश्वाश बेटे पर
दोष सारा बहू के माथे पर
भूल के रिश्ते सारे ये बेटा
हे ये दूध माँ का लजाये
दूध माँ का लजाये!

क्यूँ नही समझती माँ ये भोली
अकेली बहू नही हे दोषी
तेरा बेटा भी उतना ही दोषी
फिर क्यूँ बहू को तू है सुनाये

10 comments:

रश्मि प्रभा... said...

kaash maaon ko samajh aa jaye

kshama said...

Ghar ghar kee kahani! Ab to waise pariwar bikhar rahe hain!

संजय भास्कर said...

@ KSHAMA JI NE SAHI KAHA GHAR GHAR KI KAHANI HAI YE

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो, क्या धुन मिलायी है।

दिगम्बर नासवा said...

Vaah ... kya perodi hai ...

रजनी मल्होत्रा नैय्यर said...

han bilkul sahi likha aapne ... dosh to dono ka hota hai ........

शिखा कौशिक said...

bilkul sahi kaha aapne beta to bahu se bhi jyada doshi hai..

JAGDISH BALI said...

बहुत रोचक व स्वादिष्ट पुलाव !

Khare A said...

aap sabhi ka dil se abhaar

anju choudhary..(anu) said...

एक ओर व्यंग.. ..इस बार माँ पर...
पर बहुत हद तक सही है ...हर बार बहू ही कसौटी पे क्यों रखी जाती है
अच्छी कोशिश की है आपने ....ऐसे ही लिखते रहे